15 जुलाई 2011 - 19:30

तेहरान के अस्थायी इमामे जुमा ने मानवता के अंतिम मुक्तिदाता हज़रत महदी के प्रकट होने के विषय को मुसलमानों के बीच एकता का आधार बताया।

तेहरान के अस्थायी इमामे जुमा ने मानवता के अंतिम मुक्तिदाता हज़रत महदी के प्रकट होने के विषय को मुसलमानों के बीच एकता का आधार बताया। आज तेहरान की केन्द्रीय जुमे की नमाज़ आयतुल्लाह इमामी काशानी की इमामत में अदा की गयी। उन्होंने शीयों के बारहवें इमाम व मानवता के अंतिम मुक्तिदाता हज़रत इमाम महदी के शुभ जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके प्रकट होने के विषय को प्रगतिशील सिद्धांत बताया और कहा कि महदवियत अर्थात अंतिम मुक्तिदाता के प्रकट होने का विषय मुसलमानों के बीच एकता का केन्द्र है। आयतुल्लाह इमामी काशानी ने सउदी अरब से जुड़े कुछ धर्मगुरुओं द्वारा महदवियत के विरुद्ध कुप्रचार की आलोचना करते हुए मुसलमानों से अधिक एकता का आह्वान किया। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि इमाम मेहदी के प्रकट होने का विश्वास शीयों में अधिक दृढ़ है कहा कि भविष्य की समझ, भविष्य का चुनाव और भविष्य के लिए कर्म, इमाम महदी के प्रकट होने की प्रतीक्षा के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। तेहरान के इमामे जुमा ने कहा कि सभी धर्म, अंतिम मुक्तिदाता के प्रकट होने की बात मानते हैं और यह अतिमहत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने जुमे के ख़ुतबे में हज़रत इमाम महदी के प्रकट होने के विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए पैग़म्बरे इस्लाम के एक कथन का उल्लेख किया कि हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के प्रकट होने के बाद पूरे विश्व की सत्ता में केवल एक व्यक्ति का आदेश चलेगा और वह इमाम मेहदी होंगे। आयतुल्लाह इमामी काशानी ने इस्लामी व्यवस्था में वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व की भूमिका व स्थान पर बल देते हुए कहा कि ईरान के सामने समस्याओं व चुनौतियों से निपटने का मुख्य सिद्धांत एकता व समरस्ता है।........166